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सुपरवाइजर मुख्यालय पर निवास करें

सुपरवाइजर मुख्यालय पर निवास करें
सुपरवाइजर मुख्यालय पर निवास करें

कलेक्टर श्री नीरज दुबे ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उन्हें सचेत किया कि वे उन्हें कार्रवाई करने को बाध्य ना करें। उन्हें शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जो जवाबदारियां सौंपी गई हैं, उनका मेहनत और लगन से क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें। कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही को तनिक भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने यह बात आज यहां महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजरों तथा अन्य कर्मचारियों की बैठक लेते हुए कही।

कलेक्टर ने कहा कि सुपरवाइजर परियोजना अधिकारियों और गांव के ग्रामवासियों के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। उनसे अपेक्षा रहती है कि वे दोनों के बीच समन्वय रखते हुए शासकीय योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। वे स्वयं अपने काम का मूल्यांकन करें और जानें कि कार्य संतोषजनक है या नहीं। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि जो सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता काम नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि सुपरवाइजर मुख्यालय पर निवास करें। उनके मुख्यालय पर निवास करने से बहुत-सी समस्याओं का निपटारा हो जाया करेगा। उन्हें इसीलिए सेवा में रखा गया है कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखें। कलेक्टर ने परियोजना अधिकारियों से कहा कि अगर उनने सुपरवाइजरों के मुख्यालय पर रहने की गलत जानकारी दी, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमितरूप से आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें और भ्रमण की जानकारी को ऑनलाइन दर्ज कराएं, अन्यथा उनका वेतन आहरण नहीं होगा।

कलेक्टर ने सुपरवाइजरों को हिदायत दी कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को दुरूस्त करें। वे यह सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की वहां शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो तथा वहां बच्चों को नियमितरूप से नाश्ता एवं भोजन मिले। जो बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र में नही आते, उन बच्चों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका घरों से बुलाकर लाएं। नाश्ता एवं भोजन बनाने हेतु कार्यरत किसी स्वसहायता समूह को यदि बदलने की जरूरत हो, तो उसको अविलंब बदला जाए। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषित बच्चों को कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने हेतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया जाए।

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