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सफलता की कहानी: शिवसागर बौरासी बना ऑटो पार्ट्स कारखाने का मालिक


पांच और लोगों को भी दे रहा है रोजगार
इन्दौर- राज्य शासन द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनेक महत्वकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बेरोजगार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इन्हीं लोगों में से एक है शिवसागर बौरासी। शिवसागर बौरासी ने एक शासकीय योजना का लाभ लेकर न केवल अपने जीवन में बदलाव की शुरूआत की है, बल्कि और 5 युवाओं को भी रोजगार देने की हैसियत हासिल की है।
दुर्गा नगर कुशवाह नगर इंदौर निवासी शिवसागर पिता तुलसीराम बौरासी ने बताया कि मैं 29 साल का हूं तथा मैंने 12 वीं परीक्षा उत्तीर्ण की है। मैं नट-बोल्ट बनाने की एक मशीन के साथ घर पर ही कार्य करता था, जिससे मुझे ज्यादा फायदा नहीं होता था। पार्ट्स बनाने से संबंधित दो तीन मशीन मेरे पास होती तो पार्ट्स बनाने के क्षेत्र में मुझे अधिक फायदा होता। किन्तु पूंजी के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहा थ। फिर एक दिन मैंने समाचार पत्र में पढ़ा की सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना व मुख्यमंत्री युवा उद्धमी योजना में रोजगार के लिये एक करोड़ रूपये तक ऋण देने का प्रावधान है। इस संबंध में मैंने कलेक्टोरेट इंदौर के जिला अन्त्यावसायी कार्यालय में संपर्क किया। मैंने उक्त योजना के अंतर्गत ऑटो पार्ट्स निर्माण मशीन हेतु 20 लाख रूपये का अपना आवेदन सभी प्रमाण पत्रों के साथ कार्यालय में जमा किया।
कार्यालय से मेरा ऋण फार्म पंजाब नेशनल बैंक सांवेर रोड इंदौर में भेजा गया। तीन चार दिनों बाद मैंने बैंक से संपर्क किया और बैंक मैनेजर को मेरे ऋण आवेदन के बारे में बताया। मैनेजर द्वारा 5 से 7 दिनों बाद बैंक में संपर्क करने को कहा। एक सप्ताह बाद मैं बैंक में गया । मैनेजर ने मेरा ऋण फार्म निकलवाया तथा मुझसे ऑटो पार्ट्स निर्माण मशीन से संबंधित जानकारी पूछी और कहा कि आपका घर देखेंगे तथा इकाई कहां पर स्थापित करोगे वह स्थान भी देखेंगे।
बैंक अधिकारी ने मेरा घर देखा साथ ही इकाई स्थापित किये जाने वाले स्थान को देखा और अन्य जानकारियां ली। इसके बाद मुझे 20 लाख रूपये की ऋण राशि स्वीकृत कर दी। इस ऋण पर शासन द्वारा 15 प्रतिशत अनुदान दिया गया।
ऋण राशि से मैंने पार्ट्स बनाने की 3 लेथ मशीन जो कि मैंने पूर्व में सोचा था स्थापित कर अपने कार्य को बढ़ाया। आज मुझे नई स्थापित की गई मशीनों के माध्यम से प्रति माह 25 हजार से 30 हजार रूपये की आय सभी खर्चो को कम करने के उपरांत हो जाती है। पहले मैं नौकरी करने के लिये प्रयासरत था, किन्तु आज मैं अपनी इकाई में 5 लोगों को रोजगार दे रहा हूं। मुझे नौकरी करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि मैं अपना स्वयं का मालिक हूं। ये सब शासन की उक्त योजना से संभव हो सका है।

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